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90% लोग आज भी नहीं जानते Benifits of Squeeze Technique hindi me

Squeeze Technique (स्क्वीज़ तकनीक) मुख्य रूप से पुरुषों में 'शीघ्रपतन' (Premature Ejaculation) की समस्या को नियंत्रित करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एक व्यवहारिक विधि (behavioral method) है।लेकिन  यह सिर्फ उन्ही लोगो पर काम करेगा जिसकी समस्या समान्य है अगर आपको ज्यादा प्रॉब्लम है तो किसी डॉक्टर से  कंसल्ट जरूर करे। 

start and stop technique kaise karte hai

इसका मुख्य उद्देश्य अपने शरीर के संकेतों को समझना और चरमोत्कर्ष (orgasm) पर नियंत्रण पाना है।


Squeeze Technique Benifits  कैसे काम करती है? | How to work squeez techniqe Step-by-Step

अगर आप इसे पार्टनर के साथ या स्वयं कर रहे हैं, तो इसके स्टेप्स कुछ इस प्रकार हैं.

  • उत्तेजना (Stimulation) : यौन क्रिया या हस्तमैथुन जब भी करते है तो महसूस न करें कि आप स्खलन (ejaculate) करने ही वाले हैं। इससे आपका वीर्य जल्दी निकल सकता है। 
  • पकड़ना और दबाना (The Squeeze): जैसे ही आपको लगे कि अब कंट्रोल हाथ से निकल रहा है, अपने पार्टनर से कहें (या खुद करें) कि वे लिंग के ऊपरी हिस्से (जहाँ 'glans' या टोपी शाफ्ट से मिलती है) को मजबूती से दबाएँ।
  • दबाव बनाए रखना: इस दबाव को 10 से 20 सेकंड तक बनाए रखें। इससे  ग्लान्स सिकुड़ जायगा स्खलन की इच्छा कम हो जाएगी और उत्तेजना थोड़ी कम हो जाएगी।
  • विराम (The Pause): दबाव छोड़ने के बाद लगभग 30 सेकंड तक प्रतीक्षा करें तुरंत एवं किरिया शुरू न करे ।
  • दोहराना: इस प्रक्रिया को दोबारा  काम शुरू करें। आप एक बार में इसे 2-3 बार दोहरा सकते हैं और अंत में जब लगाने लगे की बात नहीं बनेगी तब स्खलन होने दे सकते हैं।


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2 .Squeeze Technique के फायदे हिंदी में 

  • कंट्रोल बढ़ाती है: यह आपके दिमाग को यह सिखाती है कि चरम सीमा तक पहुँचने से ठीक पहले कैसे रुकना है।
  • सेंसेशन को समझना: इससे आप अपनी शारीरिक उत्तेजना के प्रति अधिक जागरूक हो जाते हैं।
  • आत्मविश्वास: जब आप अपनी टाइमिंग पर नियंत्रण पाने लगते हैं, तो प्रदर्शन का तनाव (performance anxiety) कम हो जाता है।

Squeeze technique ke side effect. (Potential Side Effects of squeez technique)

  • अस्थायी दर्द या संवेदनशीलता: लिंग (penis) के सिरे को जोर से दबाने से अस्थायी रूप से दर्द, सुन्नपन या संवेदनशीलता (sensitivity) महसूस हो सकती है।
  • इरेक्शन का कम होना (Loss of Erection): बार-बार प्रक्रिया को रोकने और दबाने से उत्तेजना कम हो सकती है, जिससे इरेक्शन (तनाव) खत्म हो सकता है।
  • यौन आनंद में कमी: बार-बार रुकने और दबाने की प्रक्रिया से सेक्स का स्वाभाविक प्रवाह (flow) टूट जाता है, जिससे दोनों पार्टनर्स के लिए आनंद कम हो सकता है।
  • मानसिक तनाव या चिंता: अगर यह तकनीक बार-बार फेल होती है, तो व्यक्ति में 'परफॉर्मेंस एंग्जायटी' (Performance Anxiety) बढ़ सकती है।

ध्यान रखने योग्य बातें

  1. दबाव (Pressure): बहुत अधिक जोर से न दबाएं। इससे लिंग के नाजुक ऊतकों (tissues) को चोट पहुँच सकती है।
  2. पार्टनर के साथ तालमेल: यह तकनीक तभी सफल होती है जब आपका पार्टनर भी इसमें सहज हो और प्रक्रिया को समझता हो।
  3. लुब्रिकेशन: अगर हाथ बहुत सूखे हों, तो रगड़ से त्वचा छिलने का डर रहता है, इसलिए हल्का लुब्रिकेंट इस्तेमाल करना बेहतर है।


क्या यह आपके लिए सही है?

  • अगर आपको लिंग में गंभीर दर्द, चोट के निशान, या तकनीक के बाद पेशाब में जलन महसूस होती है, तो इसे तुरंत रोक दें।

कुछ जरूरी बातें 

  • धैर्य रखें: यह जादू की तरह पहली बार में काम नहीं करती। इसे सीखने में और परिणाम दिखने में कुछ हफ़्तों का अभ्यास लग सकता है।
  • पार्टनर का सहयोग: अगर आप इसे पार्टनर के साथ कर रहे हैं, तो खुलकर बात करना जरूरी है ताकि वे सही समय पर तकनीक का इस्तेमाल कर सकें।
  • विकल्प: इसके जैसी ही एक और तकनीक है जिसे 'Stop-Start Technique' कहते हैं, जिसमें दबाने के बजाय बस पूरी तरह रुक जाना होता है।
  • नोट: यदि यह तकनीक काम नहीं कर रही है, तो किसी यूरोलॉजिस्ट (Urologist) या सेक्सोलॉजिस्ट से सलाह लेना बेहतर है, क्योंकि कभी-कभी इसके पीछे शारीरिक या मनोवैज्ञानिक कारण भी हो सकते हैं।

 2. Stop-Start method to last longer 

  • Stop-Start Technique (स्टॉप-स्टार्ट तकनीक) भी शीघ्रपतन (Premature Ejaculation) को नियंत्रित करने का एक बहुत ही प्रभावी और सरल तरीका है। यह 'Squeeze Technique' के समान ही है, लेकिन इसमें किसी दबाव (Squeeze) की आवश्यकता नहीं होती।

इसे "विराम विधि" भी कहा जा सकता है। यहाँ इसके चरण दिए गए हैं:

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Start and stop techniqe for men करने का तरीका (Step-by-Step)

  • उत्तेजना (Stimulation): लिंग को उत्तेजित करना शुरू करें (स्वयं या पार्टनर के साथ)।
  • महसूस करना (The Sensation): जब आपको लगे कि आप चरमोत्कर्ष (orgasm) या स्खलन के बहुत करीब हैं और अब इसे रोक पाना मुश्किल होगा, तो रुक जाएँ।
  • पूर्ण विराम (The Stop): उत्तेजना को पूरी तरह से बंद कर दें। किसी भी तरह का स्पर्श न करें।
  • शांत होना (Cool Down): तब तक प्रतीक्षा करें जब तक कि स्खलन की तीव्र इच्छा कम न हो जाए और आपकी उत्तेजना का स्तर थोड़ा नीचे न गिर जाए (लगभग 30 सेकंड से 1 मिनट तक)।
  • पुनः आरंभ (Repeat): एक बार जब आप नियंत्रण महसूस करें, तो फिर से उत्तेजना शुरू करें।
  • अभ्यास: इस प्रक्रिया को एक सत्र में 3 बार दोहराएं और चौथी बार में स्खलन होने दें।


Squeeze और Stop-Start में क्या अंतर है?

विशेषताSqueeze TechniqueStop-Start Technique
क्रियालिंग के ऊपरी हिस्से को जोर से दबाना पड़ता है।केवल उत्तेजना को पूरी तरह रोक देना होता है।
कठिनाईइसे सही से करने के लिए थोड़े अभ्यास की जरूरत होती है।यह बहुत सरल है और कोई भी आसानी से कर सकता है।
सुविधाकुछ लोगों को दबाने से दर्द या असहजता हो सकती है।यह पूरी तरह दर्द रहित और प्राकृतिक महसूस होती है।

बेहतर Long timing benifit के लिए टिप्स

  • गहरी सांस लें: जब आप 'Stop' वाले चरण में हों, तो लंबी और गहरी सांसें लें। इससे हृदय गति (heart rate) कम होती है और शरीर शांत होता है।
  • हफ्ते में 2-3 बार अभ्यास: इसे नियमित रूप से करने से आपका दिमाग और शरीर 
  • स्खलन में देरी करना सीख जाते हैं।
  • एकाग्रता: अपना ध्यान केवल शारीरिक संवेदनाओं पर रखें ताकि आप सटीक समय (Point of no return) को पहचान सकें।

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अस्वीकरण (Disclaimer)

यह लेख  Writen by Ai केवल शैक्षिक उद्देश्यों (Educational Purposes) के लिए है। इसका उद्देश्य यौन स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना है। किसी भी चिकित्सीय परामर्श के लिए कृपया पेशेवर डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करें।

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